शिक्षा का महत्व

शिक्षा का महत्व और इसके फ़ायदे (Importance of Education and Its Advantages)

शिक्षा का महत्व और इसके फ़ायदे पर चर्चा करने से पहले एक नज़र भारत में शिक्षा की स्थिति पर डालते हैं। भारत में शिक्षा के प्रति क्रन्तिकारी जागरूकता तो आई है। लेकिन इसकी स्थिति अभी भी सराहनीये नहीं है। ख़ास कर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति अच्छी नहीं है। आपके और आपके बच्चों के लिए शिक्षा पर भाषण

यहाँ के बड़े-बड़े शहरों में भी शिक्षा अपने चर्म सीमा को नहीं छू पाई है।उच्च श्रेणी के लोग जो बहुत अमीर होते हैं। उनके बच्चे सब से अच्छे स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करते हैं। उनको किसी चीज़ की कमी नहीं होती इसलिए आसानी से शिक्षा प्राप्त कर लेते हैं।

उसके बाद वाले जिनके पास भी पर्याप्त धन होता है अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ा कर शिक्षित कर लेते हैं। जिन लोगों के पास पर्याप्त धन नहीं होता किसी तरह अपने बच्चों को हाई स्कूल तक की शिक्षा दिला पते हैं।

उसके बाद बच्चा अपने माता-पिता की आर्थिक स्थिति देख कर ख़ुद ही पैसे कमाने की सोचने लगता है। वैसे परिवार के बहुत कम बच्चे ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर पते हैं। यहाँ और इस से निचले स्तर पर भारत में शिक्षा की स्थिति चर्मरा जाती है।

ग़रीबी रेखा से नीचे ज़िन्दगी गुज़ारने वालों की बात करें तो इनके बच्चों के लिए सरकार ने हाई स्कूल तक अच्छी शिक्षा की व्यवस्था कर रक्खी है। सरकारी स्कूलों में इनके लिए पोशाक राशि, मध्यान भोजन, क्षात्रवृति, साईकिल आदि की सुविधा दिया है।

इसका फ़ायदा भी देखने को मिलता है। लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। ग़रीबी रेखा से निचे  वाले किसी तरह हाई स्कूल तक की शिक्षा प्राप्त कर लेते हैं। लेकिन उसके बाद उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं।

केवल उच्च श्रेणी के लोगों के शिक्षित हो जाने से भारत में शिक्षा की स्थिति पूर्ण रूप से सुदृढ़ नहीं हो पायेगी। पूर्ण रूप से इसकी स्थिति सुधारने के लिए सभी श्रेणियों के लोगों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने की आवश्यकता है।

सरकारी एवं ग़ैर सरकारी संस्थाओं को इसके लिए ठोस क़दम उठाने की आवश्यकता है। भारत में शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए हम सब को जागरूक होने की ज़रुरत है। अपने स्तर पर हम से जितना हो सके इस क्षेत्र में काम करना चाहिए।

शिक्षा का महत्व
शिक्षा का महत्व

शिक्षा का महत्व 

शिक्षा एक ऐसा सूरज है जो अपना प्रकाश मनुष्य पर डालता है। और इस से प्रवर्तित किरणें न केवल परिवार, समाज, देश बल्कि सारी दुनियाँ को चमकती है। शिक्षा मनुष्य के अंदर एक ऐसा इत्र है जो अपनी खुशबु से समाज को सुगन्धित करती रहती है।  शिक्षा हमें जीवन जीने की उच्चतम शैली सिखलाती है। यह मनुष्य में अच्छे चरित्र का निर्माण करती है।

शिक्षित मनुष्य ही डॉक्टर, इंजीनियर, पॉयलट, वकील और अच्छा बिजनेस मैन आदि बन सकता है। पढ़ा-लिखा इंसान किसी भी काम को बहुत ही अच्छे ढंग से कर सकता है। कहते हैं पढ़ा लिखा इंसान कभी भूखे नहीं रह सकता।

किसी ने क्या ख़ूब कहा है।

“कोई बे इल्म रोटी खा नहीं सकता कभी भी सैर हो कर

                                चाहे  बाज़ीगर  हो  आहंगर  हो  या  हो  कोई  सौदागर “

इसका मतलब यह है कि जो लोग बे इल्म हैं यानि पढ़े लिखे नहीं हैं वो कभी भी पेट भर कर सकून की रोटी नहीं खा सकते। चाहे कोई बाज़ीगर हो आहंगार यानि लोहार हो या कोई सौदागर यानि बिज़नेस करने वाला हो।

कहा जाता है शिक्षा के बिना मनुष्य पशु के सामान होता है। शिक्षा इंसान का पूर्ण विकास करती करती है। शिक्षित मनुष्य अपने परिवार का जीवन यापन आसानी से कर पता है। मनुष्य जब उच्च शिक्षा प्राप्त कर लेता है तो अपने परिवार के साथ-साथ समाज और देश के प्रति अपने दायित्व को भली भांति समझ पाता है।

रोज़गार में शिक्षा का महत्व

शिक्षा का महत्व मानव जीवन में हमेशा से है और हमेशा रहेगा। शिक्षिा मनुष्य की क्षमताओं का विकास करती है।  जो इंसान जितना ज़्यादा पढ़ा-लिखा होता है उसका कैरियर उतना ही अच्छा होता है।

पढ़े-लिखे इंसान को किसी भी कम्पनी में अच्छे पोस्ट पर नौकरी मिल जाती है। उनकी तनख़्वाह भी अच्छी होती है। जबकि जो लोग शिक्षित नहीं होते उनको किसी भी कम्पनी में अच्छे पोस्ट पर नौकरी नहीं मिलती। और उनकी तनख़्वाह भी पढ़े-लिखे लोगों से कम होती है।

शिक्षित व्यक्ति को कोई जल्दी मूर्ख नहीं बना सकता न ही उसका शोषण कर सकता है। जो लोग पढ़े-लिखे नहीं होते उनको आसानी से मूर्ख बनाया जा सकता है। और वे लोग आसानी से शोषण का शिकार बन जाते हैं।

शिक्षा का महत्व
शिक्षा का महत्व

विकास में शिक्षा का महत्व 

आज दुनियाँ चाँद पर चली गई, इंसान घर बैठे बैठे दुनियाँ के किसी भी कोने में आसानी से बात कर सकता है। दुनियाँ के किसी भी इंसान को देख कर उस से आसानी से बात कर सकता है। सारी दुनियाँ की खबर टेलीविज़न, मोबाइल, कंप्यूटर या अख़बार के ज़रिये आसानी से मिल जाती है। ये सारी सुविधाएँ शिक्षा के कारण ही उपलब्ध हो पाई है।

यदि मनुष्य शिक्षा ग्रहण नहीं करता तो इतना विकास नहीं कर पता। और आज हम इतनी सुविधाओं का लुत्फ़ नहीं उठा पाते। शिक्षा के कारण ही टेलीविज़न, कंप्यूटर, मोबाइल, अख़बार और यातायात के साधनों की उत्पत्ति हो पाई है।

कृषि में शिक्षा का महत्व और इसके फ़ायदे

भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ की 75 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। पहले इंसान इस क्षेत्र में खुद काम किया करते थे। पशुओं की मदद से खेती-बरी की जाती थी। जिसमें बहुत ज़्यादा समय लग जाता था।

लेकिन अब इंसान और पशुओं से काम न लेकर मशीनों के द्वारा खेती की जाती है। जिस से बहुत समय की बचत हो पाति है और काम जल्दी हो पाता है। वैज्ञानिक तरीके से कृषि की जाने लगी है जिस कारण कृषि के क्षेत्र में क्रन्तिकारी बदलाव आया है। ये सब शिक्षा के कारण ही संभव हो पाया है।

दैनिक जीवन में शिक्षा का महत्व और इसके फ़ायदे 

आज हम बिजली का उपयोग कर बहुत आसानी से अपनी ज़िन्दगी बिता पा रहे हैं। गर्मी में ठंढी हवा का आनंद और सर्दी में गर्म हवा का आनंद लेते हैं। कपड़े धोने के लिए मशीन का इस्तेमाल करते हैं।

खाना पकने के लिए गैस का उपयोग करते हैं। हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली सारी वस्तुएँ मशीनों द्वारा ही तैयार की जाती हैं। ये सारी सुविधायें हमें शिक्षा के कारण ही मिल पाई हैं।

शिक्षित मनुष्य शिक्षा का महत्व अच्छी तरह समझते हैं। अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला पाते हैं। अपने बच्चों के अंदर अच्छे चरित्र का निर्माण कर पाते हैं। समाज में उनको सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।

हमें उच्च शिक्षा प्राप्त करने की हर संभव कोशिश करनी चाहिए।

 

 

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